PM SHRI Schools योजना क्या है? | PM Shri Scheme Full Form

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  • Post last modified:September 8, 2022

इस शिक्षा दिवस पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को एक नई सौगात के रूप में पीएम श्री योजना (PM SHRI Yojana) शुरू की है। जिससे आने वाले समय में देश की शिक्षा व्यवस्था को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जायेगा। इस योजना से जमीनी स्तर से लेकर आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में सुधार देखने को मिलेंगे। 

जैसा की 2020 में NEP नई शिक्षा निति की घोषणा की गई थी उसी को ध्यान में रखकर इस pm shri schools योजना को देश के विभिन्न स्कूलों में लागु करने से सम्बंधित इस योजना के बारे में विस्तार से जानते है। 

PM-SHRI schools योजना क्या है?

PM-SHRI (Pradhan Mantri Schools For Rising India) योजना का मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्रदान करने के लिए एक आधुनिक(modern), परिवर्तनकारी(transformational ) और समग्र तरीका(holistic method) होगा।

pm shri school yojana in hindi

यानि की बच्चों को शिक्षा मॉडर्न तरीके के साथ-साथ शारीरिक, भावनात्मक, सामाजिक और आध्यात्मिक भलाई को ध्यान में रख दी जाएगी साथ ही देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि NEP ( National Education Policy ) से PM shri school पूरे भारत देश के लाखों  विद्यार्थी को लाभान्वित करेंगी। 

योजना का नामPM-SHRI Yojana
तारीख05/09/2022
उद्देश्यस्कूलों का उन्नयन
विभागशिक्षा मंत्रालय(Ministry of Education)
कुल स्कूल14,500
स्त्रोतpib.gov.in

इस योजना और नई शिक्षा निति के तहत शैक्षणिक पाठ्यक्रम को आसान तरीके से समझाने पर जोर दिया जायेगा। साथ ही साथ मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर, लेटेस्ट तकनीक से लेस स्मार्ट क्लासरूम होंगे और स्पोर्ट्स से जुडी सभी सुविधाए होंगी।

पीएम श्री योजना के तहत देश के लगभग 14,500 स्कूलों को मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित किया जायेगा।

PM Shri Scheme Full Form

→PM SHRI = Prime Minister ScHools for Rising India

पीएम श्री स्कूल्‍स (प्रधानमंत्री स्कूल्‍स फॉर राइजिंग इंडिया)

PM SHRI school scheme और NEP

भारत मे आजादी के बाद से ही अब तक तीन शिक्षा नीति बनाई जा चुकी है । जिसमे पहली 1968 में बनाए गए थी। दूसरी 1986 में बनाए गए थी ओर इसे 1992 में थोड़ा बहुत मॉडिफाई किया गया था इसी कारण इसे शिक्षा नीति 86/92 भी कहते है। तीसरी शिक्षा नीति जोकि 2020 में कैबिनेट के द्वारा जारी की गई थी तो इसे हम नई शिक्षा नीति 2020 भी कह सकते है।

हालांकि ये शिक्षा नीति 5 साल से बन रही थी ओर इस पर पिछले 5 साल से काम किया जा रहा था और लोगो से ओर देश के हर एक हिस्से से इस पर विचार विमर्श किया गया और 1 लाख 25 हजार सुझाव लिए गए।

इस नए शिक्षा नीति में मुख्य तौर पर इन बिंदुओं को ध्यान रखा गया है।

New Education policy 2020

स्कूल का अभी तक का जो पैटर्न चला आ रहा है इसमें(10 +2 ) वाली शिक्षा नीति चली आ रही थी ।इसके अनुसार कक्षा 1 से कक्षा 10 तक सभी विद्यार्थी एक ही प्रकार के विषय पढ़ते थे । ओर आखिर के 2 साल यानी कि कक्षा11 से कक्षा 12 तक कुछ विशेष विषय जैसे आर्ट्स, कॉमर्स, साइंस आदि पढ़ाये जाते थे।

लेकिन नई शिक्षा नीति के अनुसार 10+2 के पैटर्न को बदल कर 5+3+3+4 कर दिया गया है।इसके अनुसार 5 साल का का फाउंडेशनल स्कूल होगा ,3 साल का प्रीपेटरी स्कूल,3 साल का मिडल स्कूल,4 साल का सेकंडरी स्कूल

Foundation stage

इस स्टेज में 3 साल प्राइमरी स्कूल के ओर 2 साल कक्षा 1 ओर कक्षा 2 के है।

इससे पहले गवर्मेन्ट स्कूल में कक्षा1 से ही एडमिशन होते रहे है।लेकिन अब नई शिक्षा नीति के अनुसार 3 साल का प्राइमरी स्कूल भी गवर्मेन्ट स्कूल में जोड़ा गया है जो कि पहले सिर्फ प्राइवेट स्कूलों में हुआ करता है।

Preparatory stage

इस स्टेज में 3 साल कक्षा 3 से कक्षा 5 तक कि पढ़ाई कराई जायेगी

Middle stage

इस मे भी 3 साल तक कक्षा 6 से कक्षा 8 तक की पढाई कराई जाएगी।

Secondary stage

इसमें 4 साल यानि कि कक्षा 9 से लेके कक्षा12 तक की पढ़ाई कराई जाएगी। अब विधियार्थी कक्षा 9 से अपने पसंदीदा विषयों को पढ़ पाएंगे।

Board Exam

नई शिक्षा नीति में भी बोर्ड एग्जाम को शामिल किया गया है।लेकिन इनकी महत्वता को कम कर स्टूडेंट्स के सम्पूर्ण ज्ञान और रुचि को महत्वपुर्ण रखा जाएगा। बोर्ड एग्जाम को साल में 2 बार कराया जाएगा।

यदि कोई विधियार्थी किसी विषय मे कमजोर है। तो ऐसे में उस विधियार्थी को उस विषय से कम लेवल का विषय चुन कर परीक्षा देने का विक्लप रहेगा।

साथ ही नई शिक्षा नीति के अनुसार अब आप science के साथ history, politics, ओर  humanity के विषय के साथ commerce के विषय भी पढ़ सकते है।

Gross Enrolment Ratio Goals

शिक्षा नीति 2035 के लिए सरकार ने कुछ सकल नामांकन अनुपात लक्ष्यों का टारगेट रखा है इसके अनुसार 2035 तक सेकंडरी स्कूल का Gross Enrolment Ratio 100% तक पहुचाना है।

अभी 2020 में gross enrolment ratio 56.5% है। इसे 2035 तक 100% के करीब पहुचाना है।

Gross Enrolment Ratio क्या है?

Gross Enrolment Ratio का मतलब यह है कि यदि 1000 स्टूडेंट्स मेसे 900 स्टूडेंट्स ने प्राइमरी स्कूल की पढ़ाई की तो इस हिसाब से प्राइमरी स्कूल का ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो यहा पर 90% होगा।

भारत मे प्राइमरी स्कूल का gross enrolment ratio अभी 90 % से 100% के बीच है । ओर कुछ राज्यो में यह 100% भी है।

लेकिन जैसे जैसे प्राइमरी से सेकेन्डरी स्कूल का टाइम आता यह ratio घट कर 56% तक पहुच जाता है।यानी कि स्टूडेंट्स अपनी प्राइमरी की पढ़ाई तो पूरी कर लेते है पर जब सेकेन्डरी स्कूल की बारी आती है। अधिकतर विद्यार्थी अपनी सेकेन्डरी स्कूल की पढ़ाई नही कर पाते है। रही कारण गई कि सेकेन्डरी गक आते आते gross enrolment ratio 56% हो जाता है। यही कारण है कि भारत की literary rate  नही बढ़ पा रही है।

तो भारत सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत यह सोच है कि 2035 तक सेकेन्डरी स्कूल का gross enrolment ratio 56%से बढ़ा कर 100% तक पहुचाना है। ताकि इसके बाद विद्यार्थी अपनी कॉलेज की पढ़ाई कर सके।

अभी 2020 तक कॉलेज की पढ़ाई करने वालो का gross enrolment ratio लगभग 26% है। ओर जब सेकेन्डरी का ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो बैठेगा तो उच्च शिक्षा के  gross enrolment ratio पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा।और इसमें बढ़ोतरी आएगी।

Three language policy

नए education policy में 3 भाषाओं को शामिल किया गया है जिसमे मात्र भाषा हिंदी ,लोकल/रीजनल भाषा ,ओर एक इंग्लिश या अंतरराष्ट्रीय भाषा।इस नई शिक्षा निति से स्टूडेंट्स अपनी मनपसंद भाषा का चयन कर उसी भाषा मे अपनी पढ़ाई कर पाएंगे।और इससे होगा ये की जबरदस्ती जो अंग्रेजी भाषा का जो चलन सदियों से चला आ रहा है।वो थोड़ा कम होगा।और अंग्रेजी सिर्फ एक विषय ही रहेगा।

इसके अतिरिक्त अब प्राइमरी स्कूल में अपनी मात्र भाषा हिंदी या अपनी लोकल भाषा मे पढ़ पाएंगे।और ऐसा माना जाता है कि छोटे बच्चे अंग्रेजी भाषा की तुलना में अपनी लोकल  भाषा में  ज्यादा जल्दी से चीज़ो को सीखते है।

PM-SHRI scheme in hindi

FAQ

Q.1 पीएम-श्री स्कीम क्या है?

Ans: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM-SHRI (Pradhan Mantri Schools For Rising India) शुरू की इस योजना का मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्रदान करने के लिए एक आधुनिक(modern), परिवर्तनकारी(transformational ) और समग्र तरीका(holistic method) विकसित करना। जिसके तहत देश के 14,500 स्कूलों को मॉडर्न स्कूलों के रूप में विकसित किया जायेगा।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने pm shri school yojana के बारे में जाना और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के साथ किस प्रकार से लागू किया जायेगा। इस pm shri scheme से शिक्षा व्यवस्था में क्या परिवर्तन आएगा। इसके बारे में भी हमने विस्तार से जाना।

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Vishnu

Vishnu Acharya is the Author & Founder of hindiAstar.com. He has also completed his graduation in Mechanical Engineering from RTU. He is passionate about Blogging & Technology.

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