अहमदाबाद प्लेन क्रैश: ब्लैक बॉक्स रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा
12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 अहमदाबाद से लंदन जा रही थी, लेकिन उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद ही क्रैश हो गई।
हादसे में 229 यात्रियों और 12 क्रू मेंबर्स की जान चली गई। अब ब्लैक बॉक्स से मिली जानकारी ने इस हादसे की वजहों की पहली रिपोर्ट की पुरी जानकारी।

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क्या हुआ उस दिन?
- फ्लाइट AI171 सुबह करीब 1:39 बजे (भारतीय समय) अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई थी।
- टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान की दोनों इंजन अचानक बंद हो गए।
- पायलट्स ने कंट्रोल रूम से मदद माँगी और “Mayday-Mayday” कॉल दी।
- लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, और विमान अहमदाबाद के BJ मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की इमारत से टकरा गया।
ब्लैक बॉक्स में क्या मिला?
- विमान में दो फ्लाइट रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) थे। इनमें से एक से डेटा निकाला जा सका।
- रिकॉर्डिंग के मुताबिक, टेकऑफ के बाद विमान की रफ्तार ठीक थी। लेकिन जैसे ही प्लेन हवा में उठा, दोनों इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच खुद-ब-खुद बंद हो गए।
- इसका मतलब, इंजन को ईंधन मिलना बंद हो गया और वो बंद हो गए।
पायलट की आवाज़ रिकॉर्ड हुई जिसमें एक पायलट दूसरे से पूछता है:
“तुमने इंजन क्यों बंद किया?”
दूसरे ने जवाब दिया – “मैंने कुछ नहीं किया।”
इससे साफ है कि यह मानवीय गलती नहीं, तकनीकी खराबी थी।
क्या पहले से थी कोई खराबी?
- अमेरिका की FAA एजेंसी ने पहले 2018 में चेतावनी दी थी कि फ्यूल कंट्रोल स्विच में लॉकिंग सिस्टम की दिक्कत हो सकती है।
- एयर इंडिया ने यह जांच नहीं करवाई क्योंकि वो चेतावनी सिर्फ सलाह के तौर पर थी, ज़रूरी नहीं।
- यही पार्ट VT-ANB विमान में लगा हुआ था।
हादसे में कितना नुकसान हुआ?
- विमान का मलबा 1000 फीट x 400 फीट के इलाके में फैला मिला।
- विमान के इंजन, पंख, लैंडिंग गियर और बाकी हिस्से आसपास की इमारतों से टकराकर टूट गए।
- कुल 5 इमारतें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुईं और उनमें आग लग गई।
पायलट्स कौन थे?
- मुख्य पायलट (56 वर्ष) के पास 15,000 घंटे से ज़्यादा का उड़ान अनुभव था।
- सह-पायलट (32 वर्ष) भी प्रशिक्षित थे और विमान उड़ाने के लिए योग्य थे।
- दोनों ने उड़ान से पहले मेडिकल और अल्कोहल टेस्ट भी पास किया था।
मौसम और एटीसी की जानकारी
- उस समय मौसम साफ था। कोई बारिश या धुंध नहीं थी।
- एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) से मिली बातचीत में सभी निर्देश सही समय पर मिले।
- उड़ान भरने से ठीक पहले सब कुछ सामान्य था।
इंजन बंद होने के बाद क्या हुआ?
- इंजन बंद होते ही विमान ने ऊँचाई खोनी शुरू कर दी।
- Ram Air Turbine (RAT) नाम की एक सिस्टम अपने आप बाहर निकल गई – ये तब होता है जब विमान को बिजली की ज़रूरत होती है लेकिन इंजन बंद हो चुके होते हैं।
- पायलट्स ने इंजन दोबारा चालू करने की कोशिश की – एक इंजन कुछ देर के लिए चालू भी हुआ लेकिन विमान बचाया नहीं जा सका।
अब तक की जांच में क्या पता चला?
- ईंधन सही था, उसमें कोई गड़बड़ी नहीं थी।
- सभी इंजनों और विमान के पार्ट्स को सुरक्षित रखा गया है ताकि जांच की जा सके।
- कुछ गवाहों और एक बचे हुए यात्री के बयान लिए गए हैं।
- अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है, लेकिन जांच जारी है।
शुरुआती निष्कर्ष
- यह हादसा तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हुआ लगता है, खासकर फ्यूल कंट्रोल स्विच की।
- पायलट्स ने कोई गलती नहीं की थी।
- ब्लैक बॉक्स के डेटा से कई अहम बातें सामने आई हैं, और आगे की जांच से बाकी कारण साफ होंगे।
नोट: यह जानकारी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की पहली रिपोर्ट पर आधारित है। पूरी सच्चाई विस्तृत जांच के बाद सामने आएगी।
